नमस्कार मैं हरीश जोशी uttrakhand se हु मेरे घर मे कमाने वाले कोई नहीहै मे एकहोटल मे काम करता था मेरे दोनूपैर एक्सोडेन मैं टूट गए मेरे पिताजी 5 साल का था अब वो निरहे बचपन से मां ने मजदूरी करके पाला मैं कमाने वाला था मेरा भी एक्सिडेंट हो गया एक्सिड